मंगलवार, 14 जनवरी 2014

कुमार विषवाश 'कुवि'


कोई दीवाना कहता है कोई पागल समझता है
कुवि का इसमें अपना क्या वो जैसा है चमकता है
अमेठी दूर कितनी है किसी पागल को दिल्ली से
किराया क्या कभी बस में किसी पागल का लगता है .

कुवि हूँ मैं जहाँ चाहूँ, वहाँ गाऊँ, वहा जाऊँ
जिसे चाहूँ उसे कोसूँ, पड़ूँगा मैं नहीं पाऊँ
मैं पागल हूँ मगर इतना भी मत पागल मुझे समझो
अमेठी छोड़कर गुजरात में मरने चला जाऊँ.

युवाओं के चहेते दो कुवि पागल तथा आऊल
महल्ले में रहेगा एक बस मैं या कि फिर राहुल
अमेठी वालों अब तुमको ही है ये फैसला करना
किसे रौशन करोगे तुम,करोगे किसकी बत्ती गुल.

कभी मोदी,कभी अन्ना,कभी हैं केजरी के हम
खड़े होंगे इलेक्शन में लड़ेंगे केसरी से हम
हमें कुछ लोग दिल्ली में लड़ाना चाहते थे पर
मगर हमने कहा राहुल की देंगे देहरी पे दम .

हमारे गीत को समझो, हमारी प्रीत को समझो
कवि सम्मेलनी अपनी पुरानी रीत को समझो
हमें बस नाम से मतलब या मोटे दाम से मतलब
अमेठी में अगर हारे तो वो भी जीत ही समझो.

कुवि की काँव काँव से उड़े कीकर के कौवे हैं
उधर गुजरात का गीदड़ मुआ दिन रात रोवे हैं
मुसीबत है मेरे दिन चैन से बीते भी तो कैसे
इलेक्शन आ गया नेता न सोने दे न सोवे है.

1 टिप्पणी:

  1. Amit Bhartiya Bobby, Shamsul Qamar, Anjana Chauhan Singh and 39 others like this.

    Anuj Pandey हाहाहा , बहोत खूब
    January 14 at 12:27pm · Unlike · 1

    Ramendra Jenwar पँडित कुमार विश्‍वास कु-कवि पागल ही हो गया है । हरिशँकर पारसाई ने कहा था कि मूर्खता से उपजा आत्‍म विश्‍वास उस व्‍यक्‍ति के लिए खतरनाक होता है । 'आप' जैसी मूर्खता से उपजा पागल कु-कवि कुमार विश्‍वास वैसा ही खतरनाक है.....
    January 14 at 12:35pm · Unlike · 3

    Sanjay Dixit बहुत खूब
    January 14 at 12:43pm · Unlike · 1

    Shaikh Sadique Zilly hahhahaahah bahut khoob
    January 14 at 12:51pm · Unlike · 1

    Shaikh Sadique Zilly AAP UP main agar maar khaegi to KUMAR BAKWAS ki wajah se...
    January 14 at 12:52pm · Unlike · 1

    Shail Tyagi Bezaar bohat sahi sir
    January 14 at 2:14pm · Unlike · 1

    Kalpesh Dobariya हे हे हे ! गज़ब !
    January 14 at 4:01pm · Unlike · 1

    Kuldip Kumar Kamboj अमरनाथ मधुर जी,
    कैसे तारीफ़ करूँ आपकी ? आप ने कुमार विषवाश 'कुवि' जी का कपड़ों के अंदर ही आपरेशन कर दिया........
    "मैं पागल हूँ मगर इतना भी मत पागल मुझे समझो
    अमेठी छोड़कर गुजरात में मरने चला जाऊँ."
    January 14 at 5:27pm · Unlike · 2

    Satya Veer Singh · 40 mutual friends
    Kumar Vishvaas AAP ki kamzor kadi hai.
    January 14 at 5:51pm · Unlike · 2

    Satya Veer Singh · 40 mutual friends
    Lekin Modi ki aarti utarne ki kya zarurat thi, samajh nahin aaya.
    January 14 at 5:52pm · Unlike · 1

    कमल गुणवंत गुरुदेव "मैं पागल हूँ मगर इतना भी मत पागल मुझे समझो
    अमेठी छोड़कर गुजरात में मरने चला जाऊँ."

    wah sab to aapne kah diya ........................lovely
    Hats off
    January 14 at 7:25pm · Edited · Unlike · 1

    Santosh Singh · 7 mutual friends
    गोबर को चखकर नहीं देखकर बचो, नहीं तो उनका जैसा हाल हो जायेगा जिन्होंने मुफ्त के चक्कर में चख लिया है।
    January 14 at 7:37pm · Unlike · 1

    Girijesh Tiwari शानदार व्यंग्य ! बधाई, मित्र !!
    January 14 at 8:10pm · Unlike · 1

    Shamshad Elahee Shams शानदार .......मधुर जी बधाई
    January 14 at 8:15pm · Unlike · 1

    Raj Shekhar Sharma · 6 mutual friends
    माथुर साहब, आप कमाल है । क्या खूब लिखा है, बहुत खूब लिखा है
    मेरी शुभकामनायें
    January 14 at 8:30pm · Unlike · 1

    Kavi Rakesh Karzdar बधाई
    January 14 at 9:49pm · Unlike · 1

    Abhishek Alakh बहुत खुब मधुर सर ।
    January 14 at 10:31pm · Unlike · 1

    विजय अमिता वाह .
    January 15 at 5:31am · Unlike · 1

    Anjana Chauhan Singh वाह
    January 15 at 10:59am · Unlike · 1

    Ram Gopal Bhartiya आप खूब व्यंग लिख लेते हैं ...बधाई ...अब आपकी एक पुस्तक व्यंग विधा पर भी आनी चाहिए ...

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