सोमवार, 10 मार्च 2014

पेंशन की टेंशन

                     
     आम आदमी को बुढ़ापे में तीन सौ या पांच सौ रुपये पेंशन देने वाली सरकार के भारत भाग्य विधाता ले रहें हैं एक लाख सात हजार रुपये मासिक पेंशन .ये वही भाग्य विधाता है जो अपने मुलाजिमों का मंहगाई भत्ता बढ़ने के घोषणा भी इस अंदाज में करते हैं जैसे उनहोंने सारा खजाना दे दिया हो .लीजिये आप भी जानिये एक आदर्श नेता की पेंशन का लेखा जोखा क्या है .
नब्बे के पड़ाव पर पहुंच आधिकारिक रूप से पारविारिक व्यक्ति घोषित हुए दिग्गज कांग्रेस नेता एनडी तिवारी इस समय तीन जगह से पेंशनर हैं.
एनडी तिवारी की राजनीतिक ऊंचाई का पता उनकी पेंशन से भी चलता है। तिवारी इस समय पूर्व विधायक, पूर्व सांसद और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के नाते पेंशनर हैं। पूर्व विधायक के नाते उनकी प्रतिमाह कुल पेंशन 39, 000 बैठती है, जिसे वो देहरादून कोषागार के मार्फत प्राप्त करते हैं। चूंकि वो स्वतंत्रता संग्राम आंदोलन में 15 माह से अधिक जेल में रहे हैं इस नाते तिवारी केंद्र से 17 हजार रुपये प्रतिमाह और राज्य सरकार से 11 हजार रुपये प्रतिमाह अलग-अलग राजनीतिक पेंशन के हकदार हैं (हालांकि यह तथ्य सामने नहीं आ पाया कि वो दोनों जगह से पेंशन लेते हैं या नहीं)। इसके अलावा तिवारी पूर्व लोकसभा सांसद होने के नाते भी पेंशन के पात्र हैं। चूंकि वो एक से अधिक बार सांसद रहे हैं इसलिए बतौर पूर्व सांसद उनकी पेंशन भी करीब 40 हजार बैठती है। इस प्रकार उनकी कुल पेंशन एक लाख सात हजार रुपये है.

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