सोमवार, 24 मार्च 2014

जय जनतंत्र

   चाय की दूकान हो या टी वी के न्यूज चैनल के प्रोग्राम चुनाव पर चर्चा सुनियेगा . सब जगह बिजली न आने, सड़क न बनाने की ही बात सुनने को मिलेगी. ज्यादा से ज्यादा जाति और साम्प्रदायिकता पर बात होगी. युवा हो या अधेड़ वोटर कोई भी एफ डी आई या भारत पाक सम्बन्धों, या अन्य अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों को लेकर सवाल जबाब नहीं कर रहा है. मेरे भाई ये केंद्र में सरकार गठन करने के लिए चुनाव हो रहा है नगर पालिका के सभासद का चुनाव नहीं है. अगर आप ऐसे नेताओं को चुनते हो जो बिजली पानी और नाली सड़क से आगे नहीं सोच सकते हैं या आप नेता से यही अपेक्षा  रखते हैं तो आप झूठे वायदों के सिवा कुछ नहीं पा सकते हैं. माना कि बिजली, पानी, नाली, सड़क बुनियादी जरूरतें हैं लेकिन याद रखो कि अगर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मसलों पर हमारी नीति स्पष्ट होगी और वो देश हित में होगी तो सरकार की गलत नीतियों के कारण राष्ट्रिय धन का जो अपव्यय होता है वो बचेगा जिसे सड़क बिजली और अन्य जरूरतों पर खर्च किया जा सकेगा. नहीं तो होगा ये कि जनता की जायज मांगों को पहले ये बलपूर्वक दबायेंगे जिसकी प्रतिक्रिया में होने वाले जन प्रतिरोध को पुलिस और अर्ध सैनिक बालों से कुचल देंगे. राजसत्ता के दमन का विरोध करने के लिए आम जनता पत्थरबाजी करेगी तब फौजी गोली चलाएंगे जिसमें कुछ प्रदर्शनकारी मारें जायेंगे कुछ भागकर सीमा पार चलें जायेंगें वहाँ से आतंकवादी बनाकर लौटेंगे. फिर आतंकवाद को कुचलने के लिए सरकार अघोषित युद्ध लड़ेगी जिसके लिए देश के संसाधन बिना किसी जबाबदेही के इस्तेमाल होंगे. जो इस सबके औचित्य पर सवाल करेगा उसे देशद्रोही घोषित करजेल में ठूंस दिया जाएगा. अखबार आतंकवादी आतंकवादी और जनता फांसी फांसी चिल्लाने लगेगी. किसी झूठे सच्चे को फांसी दे दी जायेगी. जनता घोटालों को भूलकर ताली बजाने लगेगी . सड़क पर गड्ढे बड़े हो जायेंगे. बिजली आंखमिचौनी करेगी, पानी लाने के लिए महिलायें पदयात्रा करेंगी,महिला सुरक्षा मोमबत्तियां जलाकर भी नहीं दिखेगी. लड़कियां ही नहीं लडके भी घर से दूर जाकर सुरक्षित नहीं रहेंगे .इसलिए क्या अच्छा न होगा कि लोक सभा में जाने के इच्छुक नेताओं से पूछें कि वे देश को एक सूत्र में रखने के लिए क्या करेगें? पूछे कि विश्व में भारत की प्रतिष्टा को कैसे बढ़ायेगें ? किसानों और आदिवासियों की आजीविका को कैसे बचाएंगे ? नौजवावों के लिए रोजगार के अवसर कैसे बढ़ाएंगे ? विदेश में रोजगार के लिए जाने वालों को धोखेबाज दलालों और विदेशी मालिकों के शोषण से कैसे बचाएंगे ? शिक्षा को व्यवसाय बनाने से कैसे रोकेंगे ? जल जंगल और हवा को प्रदूषित होने से कैसे बचाएंगे ?
जागो मतदाताओं जागो ये गांव की पंचायत नहीं देश की सबसे बड़ी पंचायत लोकसभा का चुनाव है किसी हवा के बहाव में बहकर नहीं देश के रख रखाव की अपनी जिम्मेदारी को समझकर वोट करनी है . जय जनतंत्र .

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