रविवार, 27 अप्रैल 2014

दिल पे लिखा जो नाम था

हम हर कसम तोड़ देगें, हम हर क़ानून बदल देगें
संविधान के पहले पन्ने का मजमून बदल देंगे .
एक बार तुम सिर्फ हवाले अपने ताज ओ तख़्त करो
खुद्दारी के लिए बहे जो हम वो खून बदल देगें .

पिटारे में सुरक्षित साँप यूँ रखते सपेरे हैं
ये जंगली जीव सीधा है, इसे अब लोग घेरे हैं
बिना कारण किसी जान की जंगल में नहीं लेते
बिना मतलब यहाँ पर जान के दुश्मन घनेरे हैं .

रावण मंद मंद मुस्कायी, लंका जीत गई रण माहि
अपना जोर लगाए सारा, हारे नहीं मगर संगकारा .


सिकंदर नाम है उसका जो सबको लूटता रहता

लुटा दे पास का जो सब उसे कहते कलंदर हैं.



सीने पे खा के गोलियाँ गुमनाम है शहीद 
दो थप्पड़ों में नेताजी सरनाम हो गए .


दिल पे लिखा जो नाम था तेरा बिछुड़ के भी  

आँसू से जितना धोया वो उतना निखर गया .
टूटे दिलों को मैंने दिया हौसला बहुत
अपना हुनर अपने लिए जाने किधर गया .  


धर्म,जाति के सारे लम्बरदार तुम्हारे रक्षक हैं 
नफ़रत की ये आग जहाँ तक मन चाहे फैलाओं तुम, 
लेकिन कभी भूलकर भी न प्यार किसी से तुम करना
ऐसा न हो बिना बात ही अपनी जान गंवाओं तुम .

                                                ---------- मधुर      

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