शुक्रवार, 4 अप्रैल 2014

चुनाव मैनिफेस्टो

      चुनाव घोषणा पत्र तैयार करना बड़ा सिरदर्दी का काम है. इससे आसान तो चुनाव हारने के बाद दिया जाने वाला बयान तैयार करना है.जैसे हमने ये बयान तैयार किया है -' पहली बात ये कि हम इसलिए चुनाव हारें क्योंकि सत्तारूढ़ दल ने हमें समय से हवा में उड़ान नहीं भरने दी, दूसरी बात ये कि हमें अपना उम्मीदवार बनाने के लिए दूसरी पार्टियों ने अपने कम नेता दिए. इतने कम कि हम सब सीटों पर अपने उम्मीदवार ही नहीं खड़े कर सके. तीसरे हमने जो कुछ बरसों से दुष्प्रचार करके अपना वाईब्रेंट विकास का हवामहल खड़ा किया था उस पर झाड़ूमारों ने झाड़ू फेर दी.वो तो हमने उसे थाने में बिठवा दिया था नहीं तो वो अंदर तक घुसकर झाड़ू फेरने के फिराक में था .खैर वहाँ तो पहले ही सब सफाचट है सो उसकी ज्यादा चिंता नहीं थी लेकिन वो  काली खांसी वाला तो कांशी तक पीछे लगा रहा. अब बताओ उससे पीछा छुड़ाते या चुनाव लड़ते? हाँपने तो हम पीछा छुडाने में ही लगे थे,इज्जत मुश्किल से बची है. चुनाव का क्या हारना जीतना ये क्या आख़िरी चुनाव है ? फिर लड़ेगें'.तब तक मैनिफेस्टो भी बन ही जाएगा.फिर देखना  कौन चुनाव जीतेगा .

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