सोमवार, 5 मई 2014

'तूफानी दस्ते'

टी वी पर दिखाए  जाने वाले जनता और प्रत्याशी के सवाल जबाब वाले कार्यक्रम देखिये .हर कार्यक्रम में आप देखेगें कि भगवा टोपी वाले युवा मोदी मोदी चिल्लाकर शौर मचाते रहते हैं .वे विरोधी पक्ष को बोलने ही नहीं देते हैं .यदि कोई अन्य आदमी उसका विरोध  करता है तो वे उससे लिपट जाते हैं और हंगामा कर देते हैं .यही काम वो विरोधी  दलों कि चुनावी सभाओं में भी करते हैं .खासतौर से ये अरविंद केजरीवाल और उसकी आम आदमी पार्टी के प्रति ज्यादा आक्रामक हैं .
 जर्मनी में हिटलर की नाजी पार्टी का  यूथ ब्रिगेड भी यही काम करते थे जिन्हें हिटलर 'तूफानी दस्ते' कहा करता था .ये विरोधी दल की सभा में जबरदस्ती घुस जाते थे और हंगामा कर उसे भंग कर देते थे . सत्ता में आने पर इन्हें हिटलर ने सरंक्षण  प्रदान किया और ये 'आयरन गार्ड' के नाम से अर्धसरकारी बना दिए गए . ये संसद में भी जबरदस्ती घुस आते और विरोध में बोलने वाले संसद सदस्य को संसद से ही पकड़कर ले जाते और उसे थाने ले जाकर प्रताड़ित करते . प्रताड़ित जब कोर्ट में न्याय के लिए जाते तो नाजी पार्टी के लोग जबरदस्ती वहाँ भी पहुँच जाते और मजिस्ट्रेट को धमकाते हुए कहते क्या तुम न्याय करोगे ?तुम्हारी कोई औकात ही नहीं है .हिटलर का आदेश ही न्याय है .तुम वही करोगे जो हिटलर का आदेश है .
 भारत के इस चुनाव में हिटलर की आमद की पदचाप सुनाई दे रही है .उसके समर्थक कह रहें हैं अच्छे दिन आने वाले हैं. आम आदमी समझ ले तानाशाह के समर्थकों के लिए अच्छे दिनों का  मतलब  जनता के लिए दुर्दिनों का आना है .

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