बुधवार, 7 मई 2014

अच्छे दिन आने वाले हैं

         

खुश भगवा टोपी वाले हैं, खुश खाकी नेकर वाले हैं .
अच्छे दिन आने वाले हैं अच्छे दिन आने वाले हैं .

जब लाल किले पर केसरिया ध्वज लहर लहर लहराएगा
जन गण मन नहीं नमस्ते सदा वत्सले गाया जाएगा
हर बंग्लादेशी भारत की सीमाओं से बाहर होगा
कश्मीर माँगने वाला खुद  लाहौर सौंपने आएगा .

औ चीन कहेगा मानसरोवर के हम तो रखवाले हैं
अच्छे दिन आने वाले हैं अच्छे दिन आने वाले हैं .

जब घेर घेर कर बस्ती के सब कुत्ते मारें जायेगें
गीदड़,कौवे और गिद्ध,चील शव नोच नोच के खायेगें
हर हुड़दंगी के हाथों में त्रिशूल नहीं एक बम होगा
खाकी नेकर की जेबों में एटम बम पाये जायेगें .

जो बात अमन की करता हो उस मुँह पर जड़ने ताले हैं
अच्छे दिन आने वाले हैं अच्छे दिन आने वाले हैं .

भूखे रोटी ही नहीं केक भी खा खा कर छक जाएंगे
बाबू,अफसर,मजदूर चाय पी पी कर के थक जाएंगे.
दिन भर आराम करेंगें हम कुछ काम नहीं करना होगा
जो कुछ करने को काम कहें वे अपने घर को जायेगें.

वो सारे सपने सच होंगें, बरसों जो हमने पालें हैं
अच्छे दिन आने वाले हैं अच्छे दिन आने वाले हैं .
--------- अमरनाथ 'मधुर'



1 टिप्पणी:

  1. नसीम निगार हिन्द----क्या बात है भाई लाजवाब पेशकश, आपनेभगवा ब्रिगेड के सपनो का बखूबी चित्रण किया है .

    अजित सिंह करप्ट- आपके ऊपर मुसलामानों को डराने धमकाने का आरोप बनता है । क्यों बेचारे को डरा रहे हो । असल में मुसलामानों के ही अच्छे दिन आने वाले हैं ।

    योगेश शर्मा -- काहे.. खिसयाये रहे हो..

    रेहान खान - मुस्लमान ने डर के जीना नहीं सीखा मुंगेरी भाइयो जिसने तिरंगे का अपमान किया मर मर के जिया .

    श्यामसुन्दर बी . मौर्या - मधुर जी ये सपना संघी ,आर एस एस पिछले 90 साल से देख रहे हैं ....अब इन के दिन पूरे हो गए हैं ..

    हैदर रिज़वी - वााााह वाााााह वाााााह लाजवाब

    अमित भारतीय बॉबी - बहुत अच्छे सर ..वाह

    गोविन्द सिंह परमार - सच कहा आदरणीय ,सहमत


    इश्तियाक अहमद - वाह वाह ......


    अमिताभ शुक्ल बेहतरीन -


    अहमद अंसारी - वाह वाह क्या बात कही सर आपने

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