मंगलवार, 17 जून 2014

फीफा वर्ल्ड कप के न्यू स्टार ब्राजील के 'गेब्रियल मुनिज'



             ये है फीफा वर्ल्ड कप के न्यू स्टार ब्राजील के गेब्रियल मुनिज जिन्हें लोग फुटबॉल खेलते देखकर दांतो तले ऊँगली दबा लेते है क्योंकि गेब्रियल के न पंजे हैं, न तलवे, उम्र 12 वर्ष, बिमारी ऐसी कि लाखों में से कोई एक ही चल पाता है, गेब्रियल बहुत अजब गजब हैं, गेब्रियल न केवल चल पाते हैं बल्कि फुटबॉल खेल के स्टार हैं,  इसी कारण फीफा ने वर्ल्ड कप के प्रमोशन के लिए गेब्रियल को चुना है,फिलहाल गेब्रियल फीफा वर्ल्ड कप-2014 के प्रमोशन में बिजी है,गेब्रियल इस समय फीफा वर्ल्ड कप को विश्वभर में प्रमोट कर रहे हैं। जबरदस्त हौसला वाला यह फुटबॉलर नॉर्मल खिलाड़ियों की तरह ही खेलता है, बिना पांच के भी गेब्रियल फुटबॉल की ड्रिबलिंग, किक या हेडर, हर शॉट बड़ी ही चतुराई से लगाते हैं, ब्राजील के कैंपस दॉस गोयटाकाजेस के गेब्रियल जब पैदा हुए तो उनका पांव पूरी तरह विकसित नहीं था। इस रोग को लिंब डिफिसिएंसी या अपोडिया कहते हैं। इसके बावजूद गेब्रियल के हौसले की दाद देनी होगी। वे न केवल बिना किसी सहारे के खड़े होते हैं, बल्कि ऐसा फुटबॉल खेलते हैं कि बड़े से बड़ा सूरमा खिलाड़ी भी उन्हें दाद देने में हिचकता नहीं है, उनकी मां सांद्रा को उस समय हैरान हो गई जब वे अविकसित पांव के ही खड़ा होने लगा। उस समय उनकी उम्र सिर्फ 10 माह थी। दिसंबर, 2013 में गेब्रियल की मां ने एक इंटरव्यू में कहा था, 'वह केवल 10 माह में चलने लगा था। मुझे विश्वास नहीं हो रहा था, लेकिन यह सच था। एक बिना तलवे वाला बच्चा बिना किसी सहारे के चल रहा था।'' बचपन में ही गेब्रियल की प्रतिभा झलकने लगी थी। छोटी उम्र में ही वह फुटबॉल को ठाेकर मारने लगे थे। यहीं से उनकी मां को एक फुटबॉलर की झलक दिखाई दी।
 गेब्रियल की माँ जब गेब्रियल का जन्म हुआ तो बहुत परेशान थी क्योंकि उनका बच्चा बिना पंजे और तलवे के पैदा हुआ था लेकिन आज गेब्रियल पर गर्व होता है। बचपन में सांद्रा ने गेब्रियल को कई बार बॉल को किक करते हुए देखा था। इसलिए सांद्रा ने गेब्रियल को स्कूली स्तर पर फुटबॉल टीम में शामिल कराया। इसके बाद तो गेब्रियल ने कमाल ही कर दिया। कई मेडल जीतते हुए फुटबॉल वर्ल्ड में तहलका मचा दिया। इसके बाद बार्सिलोना ट्रेनिंग कैंप सहित कई बड़े मंच पर उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिला। गेब्रियल ने भी मौके का खूब फायदा उठाया। गैबरियल की जबरदस्त खेल स्किल्स को देखते हुए मीडिया ने हाथों हाथ लिया। यह बात जैसे ही स्पैनिश फुटबॉल क्लब बार्सिलोना तक पहुंची, उसने खुद से जुड़ने का मौका दे दिया। दोस्तों और अपनी स्कूल टीम में फुटबॉल का ककहरा सीखने वाले गेब्रियल की स्किल्स बार्सिलोना ट्रेनिंग कैंप में और मजबूत हुई। इस दौरान लियोनल मैसी सहित कई दिग्गजों का साथ भी मिला, ट्रेनिंग कैंप के दौरान बार्सिलोना के स्टार फुटबॉलर लियोनल मैसी के साथ अभ्यास करने का मौका मिला। यहीं से उनकी असल प्रतिभा निखरी और वे अपने खेल में प्रभावी परिवर्तन ला सके।

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