शनिवार, 5 जुलाई 2014

'अब उत्तर की बारी है'

श्याम सुन्दर भाई की पोस्ट से साभार :भक्तजनों को समर्पित एक रचना :—
'अब उत्तर की बारी है'
प्रश्न बहुत किये है तुमने अब उत्तर की बारी है
पाकिस्तान खत्म करने की बोलो क्या तैयारी है?
'जीजाजी' कब जेल जा रहे?
हम कब सस्ता तेल पा रहे?
दागी कब संसद छोड़ेंंगे?
कब आतंकी घर लौटेंगे?
रामलला बैठे आशा में ,शिलान्यास की बारी है.
प्रश्न बहुत किये है तुमने अब उत्तर की बारी है 

कब धारा कश्मीर हटेगी?
कब अबला की पीर घटेगी?
कब होगा मंहगाई पलायन ?
कब होगा भ्रष्टजनों से रण ?
आंधी,लहर,सुनामी देखी, शीतल पवन की बारी है.
प्रश्न बहुत किये है तुमने अब उत्तर की बारी है .

प्रतिपल दोष मढ़े हैं तुमने
अनुचित बोल गढ़े हैं तुमने
पल पल मांगा गया हिसाब
दलदल कर दिया इंकलाब
अब जबाब देने की तुम पर आयी जिम्मेदारी है.
प्रश्न बहुत किये है तुमने अब उत्तर की बारी है .
------ श्याम सुन्दर भाई की पोस्ट से साभार

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