सोमवार, 7 जुलाई 2014

भाजपा की महा पंचायत -कांठ (अकबर पर जिला मुरादाबाद )


                                              

'लोकसभा चुनावों में उत्तर प्रदेश में मिली भारी सफलता से उत्साहित भाजपा अब राज्य में सत्ता हासिल करने के मंसूबे बांध रही है। विधानसभा चुनाव अभी साढ़े तीन साल दूर हैं, लेकिन भाजपा नेताओं को लगता है कि इस माहौल में समय से पहले भी चुनाव हो सकते हैं।'

कांठ के अकबरपुर चैदरी गांव में मंदिर से लाउडस्पीकर हटाने को लेकर हुए बवाल में की गई पुलिस की ज्यादती के खिलाफ भाजपा ने शुक्रवार को महापंचायत का ऐलान किया था। शासन के निर्देश पर पुलिस-प्रशासन ने महापंचायत के आयोजन की अनुमति नहीं दी थी। भाजपा नेताओं के महापंचायत के अड़े रहने के चलते सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। आयोजनस्थल को आधी रात से ही पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया कांठ जाने वाले सभी रास्तों की नाकेबंदी कर ली गई।

प्रशासन ने महापंचायत में शामिल होने जा रहे रामपुर सांसद डॉ. नैपाल सिंह, संभल सांसद सत्यपाल सैनी, मुरादाबाद सांसद सव्रेश सिंह, भाजपा विधायक संगीत और साध्वी प्राची समेत दो सौ से अधिक नेताओं को अलग-अलग स्थानों से हिरासत में ले लिया। इसकी जानकारी होने पर गुस्साए युवाओं की भीड़ रेलवे ट्रैक पर पहुंच गई और ट्रेनों का आवागमन रोक दिया। इसकी जानकारी होने पर नेताओं की घेराबंदी में लगी पुलिस-प्रशासन की टीमें रेलवे स्टेशन पर पहुंच गईं और ट्रैक जाम किए भीड़ को खदेड़ने का प्रयास किया। बस भीड़ उग्र हो उठी और रेलवे ट्रैक से पथराव शुरू कर दिया। पथराव होते ही पुलिस वालों में भगदड़ मच गई। इससे उग्र भीड़ का मनोबल और बढ़ गया।

दुबारा पुलिस कर्मियों के खदेड़ने का प्रयास करने पर तो भीड़ जो सामने दिखा उसी पर पथराव कर दिया। पथराव में डीएम चंद्रकांत, महिला सीओ अर्चना सिंह और इंस्पेक्टर सुधीर तोमर समेत कई पुलिस कर्मी घायल हो गए।

Photo: 'लोकसभा चुनावों में उत्तर प्रदेश में मिली भारी सफलता से उत्साहित भाजपा अब राज्य  में सत्ता हासिल करने के मंसूबे बांध रही है। विधानसभा चुनाव अभी साढ़े तीन साल दूर हैं, लेकिन भाजपा नेताओं को लगता है कि इस माहौल में समय से पहले भी चुनाव हो सकते हैं।'
 
     कांठ के अकबरपुर चैदरी गांव में मंदिर से लाउडस्पीकर हटाने को लेकर हुए बवाल में की गई पुलिस की ज्यादती के खिलाफ भाजपा ने शुक्रवार को महापंचायत का ऐलान किया था। शासन के निर्देश पर पुलिस-प्रशासन ने महापंचायत के आयोजन की अनुमति नहीं दी थी। भाजपा नेताओं के महापंचायत के अड़े रहने के चलते सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। आयोजनस्थल को आधी रात से ही पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया कांठ जाने वाले सभी रास्तों की नाकेबंदी कर ली गई।

प्रशासन ने महापंचायत में शामिल होने जा रहे रामपुर सांसद डॉ. नैपाल सिंह, संभल सांसद सत्यपाल सैनी, मुरादाबाद सांसद सव्रेश सिंह, भाजपा विधायक संगीत और साध्वी प्राची समेत दो सौ से अधिक नेताओं को अलग-अलग स्थानों से हिरासत में ले लिया। इसकी जानकारी होने पर गुस्साए युवाओं की भीड़ रेलवे ट्रैक पर पहुंच गई और ट्रेनों का आवागमन रोक दिया। इसकी जानकारी होने पर नेताओं की घेराबंदी में लगी पुलिस-प्रशासन की टीमें रेलवे स्टेशन पर पहुंच गईं और ट्रैक जाम किए भीड़ को खदेड़ने का प्रयास किया। बस भीड़ उग्र हो उठी और रेलवे ट्रैक से पथराव शुरू कर दिया। पथराव होते ही पुलिस वालों में भगदड़ मच गई। इससे उग्र भीड़ का मनोबल और बढ़ गया।

दुबारा पुलिस कर्मियों के खदेड़ने का प्रयास करने पर तो भीड़ जो सामने दिखा उसी पर पथराव कर दिया। पथराव में डीएम चंद्रकांत, महिला सीओ अर्चना सिंह और इंस्पेक्टर सुधीर तोमर समेत कई पुलिस कर्मी घायल हो गए।

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