बुधवार, 9 जुलाई 2014

नेता हुए निहाल देश क्या होगा ?

       मध्यप्रदेश के एक संस्कारी मंत्री ने कहा है कि सब रेप एक से नहीं होते हैं कुछ रेप अच्छे भी होते हैं.
गोवा के संस्कारी मंत्री ने कहा है कि लड़कियां छोटे कपडे क्यों पहनती हैं ? वे पब क्यों जाती हैं ? ये अच्छे संस्कार नहीं हैं .
गोवा के महानैतिक संस्कारी मुख्यमंत्री ने (ईमानदारी जिनके मुख पर विराजती है) कहा है कि एक उद्योगपति को बलात्कार जैसी पीड़ा भुगतनी पड़ती है .छब्बीस इन्स्पेक्टर इंक्वयारी करते हैं .
भाजपा के प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन कहते हैं कि ये उन लोगों के निजी विचार हैं ,भाजपा की विचारधारा ये नहीं है
क्या कमाल है राज्यों में भाजपा के सिपहसालार जो कहते हैं वो निजी विचार है और केंद्रीय नेता जो कहे वो भाजपा की विचारधारा है ?
   ये विचार और धारा दिल्ली आते आते क्या अपना रास्ता बदल लेते हैं ? साफ़ साफ़ बताया जाए कि संस्कार संघ से लेने हैं या शाहनवाज हुसैन से जो कहते हैं कि किसी की निजी आजादी पे रोक नहीं लगाई जा सकती है . केंद्र में एक रजिस्टर्ड सुसंस्कारी मंत्री निहाल चंद मेघवाल भी हैं जिनसे निहाल होकर एक दुखियारी स्त्री अपनी जान बचाती फिर रही है .आप कहें तो उनसे संस्कार ले लें.
वैसे इतना तो इन्हें भी पता होगा कि भारत का संविधान जाति,धर्म,विश्वाश,क्षेत्र,भाषा या लिंग के आधार पर भारत के नागरिकों के साथ किसी तरह के भेदभाव की अनुमति नहीं देता है .

जनता है बेहाल देश का क्या होगा ?
नेता हुए निहाल देश क्या होगा ?

पहले भी बिगड़ैल बहुत नेता देखे
ये है नौनिहाल देश का क्या होगा ?

मौन रहे मनमोहन, मोदी भी चुप है
जनता करे सवाल देश क्या होगा ?

नहीं सुरक्षित भारत में बेटी कोई
जीना हुआ मुहाल देश का क्या होगा?

कुर्सी की खातिर जारी है उठा पटक
दिल्ली ! मचा बबाल देश का क्या होगा ?

एक नहीं अब कई दामिनी रोती हैं
किसको यहाँ ख्याल देश का क्या होगा ?

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