मंगलवार, 16 सितंबर 2014

कुलपति के दफ्तर में तोड़फोड़ करते हुड़दंगी



आओ  भगवा वीरों आओ  राष्ट्रधर्म   पर मर मिट  जाओ  

कुलपति के दफ्तर में तोड़फोड़ करते हुड़दंगी  [नवभारतटाइम्स.कॉम | Sep 15, 2014, 09.56PM IST]
उज्जैन

उज्जैन के विक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति जवाहरलाल कौल को कश्मीर में आई बाढ़ के पीड़ित कश्मीरी छात्रों से सहानुभूति और मानवीयता का प्रदर्शन करना महंगा पड़ गया। कश्मीरी छात्रों की मदद करने की उनकी अपील विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को इतनी नागवार गुजरी कि उन्होंने जमकर उत्पात मचाया। माधव नगर के उप पुलिस अधीक्षक विजय कुमार डाबर ने बताया वीएचपी और बजरंग दल के अज्ञात कार्यकर्ताओं ने कथित रूप से विश्वविद्यालय के कुलपति जवाहरलाल कौल से बदसलूकी भी की। इस वजह से वह बुरी तरह से घबरा गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती करना पड़ा।

उन्होंने बताया कि कौल ने कल एक बयान दिया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि जम्मू कश्मीर में हाल ही आई बाढ़ की तबाही के चलते मध्यप्रदेश में पढ़ाई कर रहे जम्मू एवं कश्मीर के छात्रों से अभी कुछ समय तक प्रदेश के निवासियों द्वारा किराया नहीं लिया जाना चाहिए और उन्हें फीस में भी छूट दी जानी चाहिए।

इस बात से नाराज होकर वीएचपी और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने यह कहकर विरोध किया कि कौल को जम्मू कश्मीर दिख रहा है. लेकिन उन्हें तब याद नहीं आई, जब पिछले साल उत्तराखंड में बादल फटने से आई भयानक बाढ़ से तबाही हुई थी और इस साल गुजरात के वडोदरा में बाढ़ आई।

कुलपति की इस अपील के बाद वीएचपी और बजरंग दल के दर्जनों कार्यकर्ता जय श्रीराम का नारा लगाते हुए विक्रम विश्वविद्यालय के उनके दफ्तर पहुंचे और वहां जमकर तोड़फोड़ की। हंगामा कर रहे लोगों ने कुलपति दफ्तर के शीशे, मेज, गमले और कुर्सियों को तहस-नहस कर दिया।

पुलिस अधिकारी ने कहा कि कुलपति कौल को संजीवनी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां चिकित्सक उनकी जांच कर रहे हैं। डाबर ने बताया कि विश्वविद्यालय के कर्मचारियों ने मिलकर माधव नगर थाना में इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ एक रिपोर्ट दर्ज कराई है। इस संबंध में अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।



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