शनिवार, 11 अक्तूबर 2014

सारा संसार तुम्हारा है,सारा आकाश तुम्हारा है .

मेरे क्रांतिकारी दोस्त दो मुद्दों पर बहुत तल्ख हैं. एक मुद्दा है मोदी और दूसरा है ईश्वर ,अल्लाह, गॉड. जैसे इनका दोनों से ही कुछ पुराना बैर है.ईश्वर से तो जन्मजात है लेकिन लगता है अब मोदी को भी ईश्वर का दर्जा दे दिया  गया है इसलिए ये उस पर निशाना बनाने का कोई भी मौका बेकार नहीं जाने दे रहे हैं. मेरे भाई ठीक है कि आप कलम के सिपाही हो और दकियानूसी सोच के विरुद्ध वैचारिक संघर्ष करना आपका कर्त्तव्य है लेकिन भाई दुनिया में और भी बहुत कुछ हो रहा है.क्या ही अच्छा हो कि आप दुनिया जहान की बाकी उन घटनाओं पर भी अपनी पैनी  निगाह रखो जो जन जीवन को दूर तक प्रभावित करने वाली हैं. जैसे अभी भारत के कैलाश सत्यार्थी और पाकिस्तान की मलाला युसुफजई को शान्ति का नोबुल पुरस्कार संयुक्त रूप से दिया गया .मलाला कठमुल्लाओं के विरोध की प्रतीक बन चुकी है. वो बेबस किन्तु जागरूक और साहसी नौजवान पीढ़ी का प्रेरणा स्रोत है. दूसरी तरफ   कैलाश सत्यार्थी अपनी धुन के पक्के उन समाज सेवियों का प्रतिनिधित्व करते हैं जो बिना कोई दिखावा किये अपने मिशन में लगे हुए हैं . उन्होंने बचपन बचाओ आंदोलन चलाकर हजारों बच्चों को नयी जिंदगी दी है .नोबुल पुरस्कार की घोषणा के इस अवसर पर हम इन दोनों के कामों और नोबुल पुरस्कार के उद्देश्य पर सार्थक चर्चा कर सकते हैं .इसी चर्चा के दौरान हम उन शख्सियतों के कार्यों को भी चर्चा में ला सकते हैं जिनका कार्य बहुत महत्वपूर्ण है और जिन्हें हर तरह से उपयुक्त होते हुए भी अभी तक नोबुल पुरस्कार नहीं दिया गया है. जैसे मेरी निगाह में इरोम शर्मीला एक ऐसी शक्शियत  है जिसने अहिंसात्मक प्रतिरोध की एक ऐसी मिसाल कायम की है जिसकी इतिहास में कोई सानी नहीं है. मेरे इस  विचार से, मेरी इस भावना से सबकी सहमति आवश्यक नहीं है लेकिन इस बहाने इरोम शर्मीला की तेरह वर्षीय निरंतर भूख हड़ताल के औचित्य और राष्ट्रीय एकता  पर चर्चा तो की ही जा सकती है . या अन्य किसी उपेक्षित किन्तु महत्वपूर्ण शख्शियत के कृतित्व को प्रकाश में लाया जा सकता है. इसलिए मैं कहता हूँ कि दीवानों की तरह किसी एक पीछे मत पड़ो बाकी लोगों को भी देखते समझते रहो. ये दुनिया उतनी  ही नहीं है जितनी तुम देख समझ रहे हो ये दुनिया बहुत बड़ी है और हमें इस सारी दुनिया को ही बेहतर बनाना है.इसलिए मैं कहता हूँ  आओ ! अंधेरी  तंग गलियों से बाहर आओ ! ये सारा संसार तुम्हारा  है,सारा आकाश तुम्हारा है .             

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