गुरुवार, 13 नवंबर 2014

दोस्त

न कोई चैट, न कोई लाईक, न कोई कमेन्ट है
मेरी लिस्ट में ऐसे फ्रेंड जो निन्यानवे पर्सेंट हैं
आप ही बोलो इन्हें ओढ़ा जाये या बिछाया जाये ?
बुरा तो मानेगें लेकिन क्यूँ न इन्हें हटाया  जाये .
सोचता हूँ  बुतों की भीड़ से कुछ जिन्दा लोग अच्छे
अपने दोस्त चाहें कुछ कम हों लेकिन हों सब सच्चे .

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