रविवार, 4 अक्तूबर 2015

मुल्क के अखलाक औ सरताज



"मैं एक देशभक्त परिवार से हूँ और इसी वजह से मैंने वायु सेना में जाने का फैसला लिया था। लेकिन, मेरे परिवार के साथ जो हुआ, वह सुनकर मुझे बहुत बड़ा झटका लगा। मुझे हैरानी हुई कि मेरे परिवार की तरफ से बोलने के लिए कोई नहीं खड़ा हुआ।"
"हम यहां सुरक्षित नहीं है। निश्चित तौर पर हम यहां से चले जाएंगे। हमारे पास घर बनाने के लिए पैसे या जमीन नहीं है। भले मुझे किराए पर रहना पड़े, लेकिन मैं अपने परिवार को चेन्नै ले जाऊंगा। मैंने 2008 में भारतीय वायु सेना जॉइन की थी। मैं देश की सेवा करते हुए जिंदगी बिताई है, लेकिन इस वाकये से मुझे तकलीफ पहुंची है। मेरे परिवार पर हमला हुआ। मेरे पिता को बेरहमी से मार डाला गया और मेरा भाई मौत से जूझ रहा है। हमारी जिंदगी बदल चुकी है।"
                                                      ------------ 'सरताज'
                                    भारतीय वायु सेना में तकनीशियन

                                                (मोहम्मद अख़लाक़ के पुत्र) 

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