रविवार, 21 फ़रवरी 2016

देश से प्यार .



वन्दे मातरम देश प्रेम का जहाँ ना हो आधार
............................हमें है उसी देश से प्यार .
............................हमें है उसी देश से प्यार .
जहाँ शीश पर लाठी लेकर खड़ी न हो सरकार .
............................हमें  है उसी देश से प्यार .
............................हमें  है उसी देश से प्यार .

जहाँ वफादारी की हमसे सनद न माँगी जाए
और कहीं आने जाने की हद ना बाँधी जाए
जहाँ भेदती हुई निगाहें दिल में छेद करे ना
दाड़ी और टोपी को लेकर हमसे भेद करे ना
जहाँ पड़ौसी हर सुख दुःख में होगा साझीदार .
..........................हमें है उसी देश से प्यार .
..........................हमें है उसी देश से प्यार .

जहाँ हमारे पुरखों के कारण ना छेड़ा जाए
जन्म भूमि से जबरन न कहीं ओर खदेड़ा जाए
जहाँ वतन के लिए हमारी कुर्बानी की जय हो
और सुनहरे मुस्तकबिल में अपना हिस्सा तय हो
जहाँ जियें अपने बलबूते रहें न हाथ पसार .
............................हमें है उसी देश से प्यार .
............................हमें है उसी देश से प्यार .

बना नहीं वह देश अगर, हम अभी बनायेंगे
इसी धरा पर सपनों का संसार सजायेंगे .
इसी धरा पर सबके दिल की बगिया महकेगी
इसी धरा पर रंग बिरंगी चिड़ियाँ चहकेंगी .
जहाँ धरा पर बरसेगी अमृत की फिर रसधार
...........................हमें है उसी देश से प्यार .
...........................हमें है उसी देश से प्यार .

नहीं दूसरा देश कोई वो भारत ही होगा
जिसकी हित चिंता में तन मन अपना रत होगा
जिसके लिए जियेगें हम और मर भी जायेगें
जिसके लिए जन्म लेकर सौ बार भी आयेगें.
'सारे जहाँ से अच्छा' जिसको कहेगें बारम्बार .
............................हमें  है उसी देश से प्यार .
............................हमें  है उसी देश से प्यार .

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