मंगलवार, 24 मई 2016

शिक्षा और विश्वाश

                                               

                                                         भाग  -1


By Sanjay Jothe
कुछ साल पहले अपने एक पाकिस्तानी मित्र से मैंने पुछा था कि भाई आपके मदरसों में साइंस कैसे पढ़ाई जाती है? उन्होंने उदाहरण देकर बताया कि टीचर जब स्टूडेंट्स से पूछता है कि "तीन हिस्से पोटेशियम परमैंगनेट में दो हिस्से सल्फ्यूरिक एसिड मिलाएंगे तो क्या होगा?"
स्टूडेंट जवाब देते हैं: "वही होगा जो मंजूर-ए-खुदा होगा।"
इस एक ब्रह्मास्त्र से वे केमिस्ट्री, फिज़िक्स, बायोलॉजी, मैथ्स इत्यादि का कोई भी प्रश्न तुरन्त हल कर लेते हैं।
उस समय मुझे बड़ी निराशा हुई थी कि ऐसा कोई उदाहरण भारत में हमारे पास नहीं है। लेकिन मित्रोsssss अब वैदिक शिक्षा के प्रचार का बड़ा इंतेजाम हो रहा है। अब हमारे बटुक और ब्रह्मचारी भी पाकिस्तान की ईंट से ईंट बजाने के लिए तैयार हो रहे हैं।
सोचिये निकट भविष्य में यही प्रश्न आचार्य जी अपने ब्रह्मचारियों से पूछ रहे हैं: "अहो ब्रह्मचारियों! पोटेशियम और सोडियम मिश्रित करने पर आपने क्या होगा?"
उत्तर देते हुए सारे ब्रह्मचारी एकसाथ चिल्लाते हैं
"होई वही जो राम रचि राखा
को करी तरक बढ़ावहि साखा"
आचार्य जी आँखों में ख़ुशी के आंसू लिए सभी ब्रह्मचारियों को "एंटायर केमिस्ट्री" में एम. ए. की डिग्री थमा देते है। फिर इनमे से कुछ अधिक मेधावी ब्रह्मचारी बी.ए. की तैयारी में जुट जाते हैं।

                                                              भाग  -2


By Himanshu Pandya
5 hrs ·
‪#‎राजस्थानकीनईकिताबें‬ - 2
सुरेश साधु से - स्वामीजी, मेरी पत्नी बहुत परेशान करती है. कोई उपाय बताइये ?
साधु- बेटा, उपाय होता तो मैं साधु क्यों बनता ?
यह चुटकुला व्हाट्स एप के किसी स्त्री द्वेषी समूह से नहीं लिया है. यह राजस्थान में शुरू हुई नई स्कूली किताब हिन्दी, कक्षा 6 से है. यह संभवतः राष्ट्रीय पाठ्यचर्या-2005 के उन निर्देशों की पालना में है जिनके अंतर्गत पाठ्यक्रम को आनंददायी बनाने पर बल दिया गया था. इस अध्याय के अंत में लिखा है - "आप भी ऐसे चुटकुले संकलित करें और साथियों को सुनाएं.'
अब आपको सर दे मारने के लिए दीवार ढूँढने की जरूरत नहीं है. दीवार खुद आपके सर से आ टकराएगी.

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