शनिवार, 4 जून 2016

हजरते दाग जहाँ बैठ गए बैठ गए .




        मथुरा में भूमाफियाओं द्वारा पुलिस वालों की हत्या किये जाने के बाद जमीन पर अवैध कब्जे की समस्या को जानने समझने की बहुत जरुरत है. अगर ये भूमाफियां इतने शक्तिशाली हो गए हैं कि सरकारी सशस्त्र बलों को सीधे चुनौती दे रहे हैं तो इससे उस हालात का अंदाजा लगाया जा सकता है जिसमें आम आदमी इन दबंगों से त्रस्त रहते हुए अपनी जिंदगी गुजारता है .कीमती जमीन वो सरकारी हो या निजी उस पर कानून व्यवस्था को अपनी रखैल समझने वाले भूमाफिया गिद्ध दृष्टि रखते हैं . यूँ बेघर गरीब लोग भी यहाँ वहाँ सरकारी जमीन पर अवैध तरीके से अपनी झुग्गी झोंपड़ी डालकर गुजर बसर करते हैं लेकिन उन्हें साल छ महीने में उजड़ते बसते रहना पड़ता है. स्थायी कब्ज़ा वो तभी कर पाते हैं जब कोई वोटों का सौदागर उन्हें शह देता है .जमीन पर कब्जे का काम बाहुबलियों और सत्ता के नजदीकी छोटे बड़े नेताओं का काम है. इसके पीछे भ्रष्ट अफसरों की भी पूरी सपोर्ट रहती है .पीड़ित इनसे इतना परेशान रहता है कि उसकी जान माल हमेशा खतरे में रहती है .
      लेकिन भूमाफियों की एक और भी किस्म है जो अपने कारोबार को धर्म की ओट में आगे बढाती है .ये जो सडकों, चौराहों, तिराहों पर या किसी मोड़ पर या किसी पेड़ के तले मजार, दरगाह, भूमाता, काली माई का चौबारा या लाल सिंदूर लिपटे बजरंग बली या त्रिशूल उठाये जटाजूट बढ़ाये महादेव मिलते हैं इनमें ज्यादातर भूमि पर अवैध रूप से काबिज हैं .इनकी आड़ में तमाम तरह के कारोबारी भी अवैध कब्ज़ा किये हैं .ये विकास का रास्ता रोककर बैठ जाते हैं .इनकी वजह से सड़क चौड़ी और सीढ़ी नहीं होती है चाहें ऐसा न होने के कारण कितने ही एक्सीडेंट हों, कितने ही लोगों की जान चली जाए लेकिन क्या मजाल जो बजरंग बली जरा से टस से मस हो जाएँ . क्या मजाल जो मजार में चैन से सोते हुए की नींद में खलल पड़ जाए . भला कोई पूछे इतने शौर शराबें में कहीं सोया जाता है या भक्ति की जाती है ? लेकिन नहीं हजरते दाग जहाँ बैठ गए बैठ गए .
सरकार को चाहिए इन पीरों, फकीरों की मजारों और दरगाहों, इबादतगाहों ,मठों, चौबारों ,मंदिरों, गुरुद्वारों की जमीनों की वैधता की जांच कराये और जहाँ भी अतिक्रमण पाये तत्काल इन्हें ध्वस्त कर दे. ये मंदिर, ये मस्जिद, ये दरगाह, ये इबादतगाह इंसान को जिंदगी देने के लिए हैं, इंसान की जान लेने के लिए नहीं हैं, इसलिए अगर कहीं भी इनके होने से इंसान की जान पर बन आती है तो इनकी वहाँ कोई जरुरत नहीं है .इन्हें तत्काल हटा देना चाहिए .इंसान काम इनके बगैर भी मजे में चल सकता है .

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