शुक्रवार, 9 सितंबर 2016



ना मिले ना पास बैठे ना दिल का हाल पूछा
फिर भी रकीब मेरी किस्मत से रश्क करते.


सबके लबों पे मेरा है नाम साथ तेरे
मरते नहीं तो क्या हम बदनाम तुमको करते ?


मिलना है फेस बुक पे,मुझको है रोज  तुमसे 
एक दिन के लिए भी हम हड़ताल न कर सकते.















एक पत्थर की जो मूरत है, ये सूरत तेरी ,
मुझसे बोलेगी अभी, आज, ना तो कल ही सही  .



 मैं तो गुजरूँगा इधर से, ये है मेरा रास्ता
मेरे आने जाने पे क्यूँ खिड़कियाँ वो खोलती हैं .



[ दिल तो अपना साफ़ रखना सीखिए
लड़कियाँ यूँ भी तो हंसती-बोलती हैं ]

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