गुरुवार, 29 सितंबर 2016


जंग की हिमायती औ जंग के खिलाफ भी
एक सी आवाज हैं एक सी हैं बात भी .
बोलता कोई नहीं जो असल विवाद है
और इस विवाद में कौन बरबाद है ?
कोई उनकी भी सुने बात उनसे भी करे
प्यार के दो बोल बोल हाथ उनके सिर धरे.
देश के लिए यहाँ जिनके लाल मर गये
जंगखोर उनके वास्ते कहाँ कुछ कर गये ?




सिंधु का पानी रोकेगें
तूफॉं बर्फानी रोकेंगे .
रोकेंगे उड़ते पंछी को
बादल सैलानी रोकेंगे .

रोकेगें वो गाने वाले
जियारत करने आने वाले.
मस्त कलंदर दमा दमा दम
गाने और बजाने वाले ..

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