शुक्रवार, 2 दिसंबर 2016

पहले वो इतिहास बदलने को आये
फिर बोले भूगोल बदलने हम आये
देश बदलने की बढ़ चढ़ कर की बातें
पर देखा वो नोट बदलते ही पाये .
जो बदला है नोट, चलाना मुश्किल है
लेने देने में हिलता रहता दिल है .
जो भी अदल बदल कर देता नोटों की
वो ही सबसे अच्छा, सबसे काबिल है .
नोट करो ये नये नोट जो आये हैं
तुम तकिये में इनको जमा नहीं करना
एक दिन ये भी यूँ ही बंद हो जाएंगे
इनको बस लेते देते ही तुम रहना .
नोट जमा करने की जुर्रत मत करना
देशद्रोही काले धन वाले बन जाओगे
करो बैंक में जमा विजय माल्या लेगा
तुम भी अच्छे राष्ट्र भक्त कहलाओगे .

0 टिप्पणियाँ:

एक टिप्पणी भेजें