शनिवार, 20 मई 2017

जनता पत्थर फेंक रही है यू पी में, पंजाब में, 
केवल शोले भड़क रहे ना झेलम और चिनाब में.
उत्तर से दक्षिण,पूरब से पश्छिम तक ये हालत है 
जनता जितने गुस्से में है सोचा नहीं ख्वाब में .


अल्फाज देखते हो क्या जज्बात देखिये,
जितना किया दुरुस्त वो उतना बिगड़ गए |



कह दो कोई उनसे जाकर सज़ा हमारी कम कर दे,
हम पेशे से नही हैं मुजरिम बस गलती से इश्क़ हुआ |


आकाश में उडो मगर इतना रहे ख्याल,
गर पाँव जमीं पर नहीं तो कुछ ना मिलेगा.




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