मंगलवार, 23 मई 2017

आप अगर अच्छे हैं क्या लड्डू बांटेंगे ?
बुरे हुए तो क्या हमको पत्थर मारेंगे ?
मुझको है अधिकार इसलिए बोल रहा हूँ 
अच्छा बुरा लगा जो जैसा ,तौल रहा हूँ |
अगर आप को लगता मेरी बात गलत है 
तुम को है अधिकार कहो जो अपना मत है |
संविधान ने ये अधिकार दिया हम सबको 
कहां बीच में ले आते हो खींच के रब को ?
बैठे ठाले उसको क्यूँ तकलीफ दे रहे ?
क्या अंतर हम पैग पिये तुम बीफ ले रहे ?
अच्छा लड्डू लाये हो दोनों खा लेंगे 
सुन लेंगे पंडित मौला जो भी बोलेंगे |




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