शुक्रवार, 9 जून 2017



गृह त्यागी योगी जीने की राह बताते |
गृहस्थी वालें कुछ भी समझ नहीं हैं पाते |


उसको कौन बचाने आता लड़की थी वो ,
गाय अगर होती तो सब लड़ने आ जाते |

बक चख हिन्दू मुस्लिम पर होती रहती है
बात किसानों की हो तो ताले जड़ जाते |

काम माँगने नौजवान जब भी आते हैं
नेताजी चुप के से उठ आगे बढ़ जाते |

देशभक्ति दिखती किरकिट के मैदानों में
पाकिस्तान फतह करने का जश्न मनाते |


नहीं योग का ऐसा कोई आसन मिलता
करते जिसे किसान दाम फसलों का पाते |




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