बुधवार, 2 अगस्त 2017

हिन्दू मुस्लिम रहे,दोस्त भी हम रहे,
और सितमगर के हम पर सितम भी रहे | 

जान देने की जब भी जरुरत पड़ी, 
आगे तुम कम रहे ना कभी हम रहे |


जो सियासत ने हमको दिए जख्म हैं 
सब सहेंगे भले नाक में दम रहे |





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