रविवार, 3 सितंबर 2017

सरकार परेशां है अपनी, सरकार की बातें अभी नहीं |



रुजगार की बातें अभी नहीं,अधिकार की बातें अभी नहीं
सरकार परेशां है अपनी, सरकार की बातें अभी नहीं |


उत्तर में चीन दबाता है,पश्चिम में पाक चिढाता है
अमरीका बैठा दूर हमें दोनों से ही लड़वाता है |
हम एक शीश के बदले में सौ शीश काट कर ले आते
लेकिन क्या करें लड़ें कैसे नेकर ढीला हो जाता है |


पहले ढीला नेकर कस लें,सलवार की बातें अभी नहीं
सरकार परेशां है अपनी, सरकार की बातें अभी नहीं |










मसलें कितने हैं बड़े बड़े जिनमें उलझी हैं सरकारें
लेकर आजादी मानेगें, लगता पढ़ने वाले सारे |
सरकार पढाई बंद करे औ ' बंद करे पढ़ने वाले
या सरहद से ले बुला टैंक, भेजे स्कूलों में सारे |

कुछ इंतजाम करना होगा, इनकार की बातें अभी नहीं |
सरकार परेशां है अपनी, सरकार की बातें अभी नहीं |


कुछ लव जेहादी घूम रहे संस्कृति पर भारी खतरा
बजरंगी सेना देती है, हर होटल,पारक  पर पहरा |
सरकारों की जिम्मेदारी ऐसे वीरों का मान रखे
जो देख रहे किस लड़की का किस लडके से चक्कर गहरा |

नफ़रत चाहे जितनी कर लें पर प्यार की बातें अभी नहीं|
सरकार परेशां है अपनी, सरकार की बातें अभी नहीं |











आपात स्थिति है देखो, बाबाओं पर संकट भारी
सबको भेजेगी जेल अदालत की लगती ये तैयारी |
हर बाबा से, हर डेरे से माँगा जाएगा सब हिसाब
कितनी हत्याएं की तुमने, लूटी अस्मत कितनी सारी|

पहलें दे दें इनका हिसाब, प्रचार की बातें अभी नहीं |
सरकार परेशां है अपनी, सरकार की बातें अभी नहीं |


बच्चें मर जाएँ बिना दवा क्या पड़ी तुम्हें चिल्लाने की ?
इंसानों से ज्यादा जिम्मेदारी है गाय बचाने की |
गौमूत्र पियेंगे भक्त सभी तब तो होगा उनका ईलाज
अपनी भी जिम्मेदारी है ये बात उन्हें समझाने की |
ये अटल फैसला है अपना, तकरार की बातें अभी नहीं |
सरकार परेशां है अपनी, सरकार की बातें अभी नहीं |


तुम कहते हो सरकारों का है काम वो जनता को देखें
ना भावनाओं की भट्टी में, वो वोटों की रोटी सेंकें |
सबको मिल जाए हवा,दवा,रोजी,रोटी,कपड़ा,मकान
मंदिर जाएँ या हम मस्जिद, वो ना रोके,वो ना टोके |
बेकार की बातें हैं सब ये, बेकार की बातें अभी नहीं |
सरकार परेशां है अपनी, सरकार की बातें अभी नहीं |


मारें कलबुर्गी जायेंगे, मारे जायेंगे पनसारे 
गौरी को घुसकर मारेंगे उसके ही घर में हत्यारे |
खामोश बैठने वालो तुम ये कान खोल कर सुन लेना 
जो एक साथ मिल ना बोले, मारो जाओगे तुम सारे |

ये करो फैसला करना क्या ?सरकार की बातें अभी नहीं 
सरकार परेशा है अपनी , सरकार की बातें अभी नहीं | 







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