शुक्रवार, 2 फ़रवरी 2018

सुबह सुबह जो चौराहे पर भीड़ जुटी है मजदूरों की 
नहीं मिला रुजगार उसे कुछ चलो तिरंगा ही पकड़ाएं |
रोटी औ रुजगार की बातें,बुनियादी अधिकार की बातें  
सुनकर सिर में दर्द हो रहा,आओ वन्दे मातरम गायें |

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