शुक्रवार, 16 फ़रवरी 2018





संस्कृति के रक्षक हम से बोलो कहाँ बड़े हैं ?
नई रौशनी के आगे हम सीना तान खड़े हैं |
जेट विमानों के युग में हम रथ पर घूम रहे हैं 
राम भक्त स्वयंसेवक सारे लाठी चूम रहे हैं |

प्यार अगर करता दिख जाए हमको कोई जोड़ा 
लाठी लेकर उसको क्यों ना पीटेंगे हम थोडा |
पहले ये बतलाओ किससे पूछा प्यार करेंगे ? 
बिन पूछे जो प्यार किया तो जिन्दा नहीं बचेंगे |

सदियों की संस्कृति अपनी सिर्फ यही कहती है 
प्यार बहुत मुश्किल है करना नफ़रत हो सकती है |
संस्कृति की रक्षा करना पावन धर्म हमारा 
हमको गफलत नहीं है बिलकुल तुमको हो सकती है |

वैसे बरसाने की राधा और कृष्ण बृज वाला 
दोनों प्रेम सिखाने आये होकर खुद मतवाला |
लेकिन हमने उस कृष्ण से प्रेम नहीं सीखा है 
हमने माना उसको केवल युद्ध कराने वाला |





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