रविवार, 18 फ़रवरी 2018

गीतांजलि की बारी आई, पतंजलि का पतन शेष है
लालकिले पर उठा धुँआ है, हव्य शेष है, हवन शेष है |
कुछ सलवार पहन कर भागे,कुछ कलदार रकम ले भागे
हीरा, माणिक ले भागे हैं, पकड़ो इन पर रहन शेष है  |


वादा था पंद्रह लाख मिलेंगे,मिला ना एक रुपैय्या 
जो जमा बैंक में किया उसे भी ले गया मोदी भैया |
ले गया मोदी भैया छोटा ,मंझला,बड़का मोदी 
हम तो सुनते रह गए भैया बैठे मन की सब बकचोदी |
कब तक झूठे जुमले झेंलें, अब हद हो गयी ज्यादा 
कहने को ही पूरा कर देते,तुम अपना कोई वादा |

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