मंगलवार, 27 फ़रवरी 2018

कागद कलम छुआ नहीं, रखी नहीं दवात |
रोज फेसबुक पे लिखी अपने मन की बात ||


ललित, सुशील, नीरव, बेटे हों बस तीन | 
ऐसा ना हो एक भी, माँगे हक़ जमीन ||

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