सोमवार, 5 फ़रवरी 2018

इश्क करो तो हिन्दू मुस्लिम न्यारे न्यारे इश्क करो
इश्क करो तो पहले अपने धर्म को प्यारे  फिक्स करो |
नासमझी में इश्क किया तो उसको तुम ही भुगतोगे
हमने तुमसे कहा ही कब था प्यारे इतना रिश्क करो |

हम तो हैं उस कौम के जिसमें इश्क नहीं हो सकता है
नफ़रत हो सकती है प्यारे चाहे जितनी रोज करो |
इश्क किया तो खाफ हमारी सूली पर लटका देगी
हाँ बाब्बे जी बनकर चाहे फिर तुम कितनी मौज करो |





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