सोमवार, 25 जून 2018

जो अमेरिका दुनिया भर में आतंकवादी व्यक्तियों और संगठनों को चिह्नित कर उन्हें खत्म करने की कवायद करता रहता है उसकी बदनाम खुफिया एजेंसी सी आई ए ने अपनी एक रिपोर्ट में आर एस एस के आनुषंगिक संगठन बजरंग दल और विश्व हिन्दू परिषद को आतंकवादी संगठन लिखा है। सी आई ए की रिपोर्ट ऐसी बेकार की चीज नही है जिसे रद्दी कागज का टुकड़ा समझकर तव्वजो ना दी जाये। ऐसी रिपोर्ट के आधार पर ही अमेरिका दूसरे मुल्कों में नाजायज हस्तक्षेप करता रहा है और कई बार अपने हस्तक्षेप को जायज ठहराने के लिए ही ऐसी रिपोर्ट तैयार करायी गयी है। मेरा मुददा ये है कि हर बात को तोड़ मरोड़कर भड़काऊ मुद्दा बनाने वाली भारतीय मीडिया और आर एस एस इस मुद्दे पर क्यूँ चुप्पी साधे है? क्या इसलिए कि  इसमें हिन्दू मुस्लिम रंग नहीं भरा जा सकता है ? या इसलिए की इससे वोट नहीं बटोरी जा सकती हैं? मेरी चिन्ता इस बात को लेकर भी है कि आज सी आई ए की रिपोर्ट के आधार पर अमेरिका भले ही कोई कार्यवाही न करने जा रहा हो लेकिन ये भविष्य में जब भी भारत अमेरिका का अनुगामी होने की बजाय स्वतंत्र राह पर चलना चाहेगा  तब ऐसी ही रिपोर्टों का हवाला देकर भारत की बांह मरोड़ी जायेगी । इसलिए आज चर्चा का विषय संघी आतंकवाद हो या ना हो लेकिन अमरीकी खुफिया एजेंसियों की कारस्तानी जरूर होना चाहिये। दुनिया में स्वयंभू थानेदार का काम करने वाले अमेरिका को भारत में ऐसा काम करने देना हम कभी स्वीकार न करेंगे चाहे कथित राष्ट्रवादी संगठन कुछ न बोले और भारत का भड़काऊ और बिकाऊ मीडिया भी चुप्पी साध ले लेकिन हम अमेरिकी साजिश को जनता के सामने बेनकाब करने से ना चूकेंगे| क्यूँकि हमने अमेरिकी साजिश से ईराक को बरबाद होते देखा है, सीरिया को बरबाद होते देख रहे हैं। भारत को इराक और सीरिया बनाने से बचाना है |

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