देश की पूर्व प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी के हत्यारों को देश में सिखों की सर्वोच्च संस्था अकाल तख़्त ने रविवार को सम्मानित किया. सतवंत सिंह और केहर सिंह को चौबीस साल पहले आज ही के दिन फांसी दी गयी थी. सतवंत सिंह और बेअंत सिंह इंदिरा गांधी के सुरक्षा कर्मियों में थे जिन्होंने उन्हें गोली मार दी थी .बेअन्त सिंह मौके पर ही मारा गया था .केहर सिंह इस षडयंत्र में शामिल था .
यह भी उल्लेखनीय है कि अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर में आज भी इन हत्यारों को शहीद बताने वाले चित्र लगे हैं और पूर्व प्रधानमन्त्री को अपमानित करने वाले शब्द अंकित हैं .दुनिया के दूसरे किसी देश में ऐसा नजारा देखने को नहीं मिल सकता है.
वे पंजाब में आतंकवाद के दिन थे जब भिंडरावाला जिन्दा था और मैं मेरठ कोलिज में मंच पर ये कविता पढ़ा करता था. एक कार्यक्रम में कविता सुनने के बाद कवि श्री अशोक वाजपेयी जी ने मुझसे कहा था कि ऐसी कविताएँ न पढ़ा करो जान का खतरा है. फिर इससे भी बड़ी कविता लिखी जो काफी सराही भी गयी. पहली कविता प्रस्तुत है .
आतंकवादियों से
औ भिंडरवाला सुन लो तुम,
औ लोंगोवाला सुन लो तुम,
यदि खालिस्तान बनाओगे,
कितने दिन तुम टिक पाओगे?
यह अमरीका की नीति है,
पाकिस्तानी रणनीति है,
जब भी घर आग सुलगती है,
हॉं जनता कभी भडकती है,
ये हम पर हमला करते है,
अपने पापों को धोते हैं,
हर बार यही तो होता है,
जागो ये अच्छा मौका है,
ननकाना को आजाद करो,
अमृतसर मत बरबाद करो,
यदि खालिस्तान बना डाला,
इस मन्दिर पर ताला डाला,
तो कौन ग्रन्थ को पूजेगा ?
फिर कौन तख्त को बूझेगा?
फिर तो तलवारे खनखेंगी,
बन्दूके ही फिर चमकेंगी,
पंजाब लाल हो जायेगा,
हर भाल ढाल हो जायेगा,
माता की लाज बचाने को,
और तुमको यह समझाने को,
वेदों की ये है जन्मभूमि,
ऋषियों की ये है कर्मभूमि,
इतिहास यहीं पर बनता है,
हर युद्ध यहीं पर ठनता है,
हम अब भी जान लडा देंगें,
और तुमको भी समझा देंगें,
इसका हर अंग हमारा है,
हमको प्राणें से प्यारा है,
तुम विद्रोही हो बिके हुये,
सारा पंजाब हमारा है,
औ भिंडरवाला सुन लो तुम,
औ लोंगोंवाला सुन लो तुम।
-अमरनाथ मधुर

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