तुम हिंदू राष्ट्र् बनाओगे, हम हिंदुस्तान बचायेगें ,
तुन राग छेड़ते नफ़रत का हम गीत मोहब्बत गायेंगे।
बोली गोली सावरकर की औ नाथूराम गोडसे की
तुम खूब चलाना लेकिन हम गांधी के पथ पर जाएंगे।
ये देश महात्मा गांधी का, दुनिया में है पहचान यही
सुत नाथूराम गोडसे के कर सकते हैं अपमान नहीं।
हम बहुभाषी ,बहुजाति हम , बहुवेशी हैं, बहुरंगी हैं
केवल नारंगी रंग से ही बढ़ सकती अपनी शान नहीं ।
बहुरंगी फूलों से महकें, बहुरंगी पंछी से चहकेँ
गुलशन सा महकाएं गुंजायें गाकर अपने गान सभी।
इस शस्य श्यामला भूमि में मलयज शीतल पुरवा समीर
बहती है पुलक जगाती है खुश रखती है संतान सभी ।
तुन राग छेड़ते नफ़रत का हम गीत मोहब्बत गायेंगे।
बोली गोली सावरकर की औ नाथूराम गोडसे की
तुम खूब चलाना लेकिन हम गांधी के पथ पर जाएंगे।
ये देश महात्मा गांधी का, दुनिया में है पहचान यही
सुत नाथूराम गोडसे के कर सकते हैं अपमान नहीं।
हम बहुभाषी ,बहुजाति हम , बहुवेशी हैं, बहुरंगी हैं
केवल नारंगी रंग से ही बढ़ सकती अपनी शान नहीं ।
बहुरंगी फूलों से महकें, बहुरंगी पंछी से चहकेँ
गुलशन सा महकाएं गुंजायें गाकर अपने गान सभी।
इस शस्य श्यामला भूमि में मलयज शीतल पुरवा समीर
बहती है पुलक जगाती है खुश रखती है संतान सभी ।
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