ओ युवा शक्ति के प्रखर रूप,
तुम गहन कुहर में खिली धूंप.
तुमसे काँपे हैं सिंहासन,
तुमसे काँपे हैं नए भूप .
बेखोफ उठे तुम ऐसे आज,
जैसे गिरनी है कहीं गाज
उठ रही जगाने बहरों को
बेबस जनता की ये आवाज.
जागो-जागो सोने वालों,
किस्मत का गम सहने वालों
अब वक्त बदलने वाला है
दिन रात त्रस्त रहने वालों.
अब वो सहमेंगें जो अब तक
रखते रुआब, रखते हैं धमक
जिनके लिबास पर तमगों की
फीकी होती है नहीं चमक .
ये सारे तमगें, रुतबे के
सुल्तानी दावे खुतबे के.
जनता की लहर,सुनामी
में दीखेंगें उभरे, डूबें से .
इस लहर सुनामी से ही अब
इक भारत नया उदय होगा.
जिस भारत में सब खुश होंगें
न कहीं किसी को भय होगा .
योगेन्द्र बनेगें नौजवान
बालाएं होंगी पाओलीन
आओ हम उनके साथ चलें
बातिल को मारें बीन-बीन .
و نوجوان طاقت کے پركھر طور،
تم گہری کہر میں کھلی دھوپ.
تم سے كاپے ہیں تخت
تم سے كاپے ہیں نئے بھوپ.
تم آج اٹھے ایسے ہو آج
جیسے گرنی ہے کہیں بجلی
اٹھ رہی جگانے بهرو کو
بے بس عوام یہ آواز.
جاگو جاگو سونے والوں
قسمت کا غم سہنے والوں
اب وقت بدلنے والا ہے
دن رات پریشان رہنے والوں.
اب وہ سهمےگے جو اب تک
رکھتے راب رکھتے ہیں دھمک
جن کے لباس پر تمگو کی
پھیکی ہوتی ہے نہیں چمک.
یہ سارے تمگے، رتبے کے
سلتاني دعوے كھتبے کے
ایک ایک سے پوچھےگيجنتا
Alpha
بالاے ہوں پاولين
آؤ ہم ان کے ساتھ چلیں
باطل کو ماریں بین بین

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