कुछ और भी मसले हैं मेरी जिंदगी में देख
तू अपनी सियासत ना मेरी बंदगी में देख |
मेरे हजार ऐब तो तू देख रहा है
पर एक नजर अपनी जमा गन्दगी में देख |
तू अपनी सियासत ना मेरी बंदगी में देख |
मेरे हजार ऐब तो तू देख रहा है
पर एक नजर अपनी जमा गन्दगी में देख |
वो एक साथ मिल के इलेक्शन तो लड़ लिए
मुँह फेर के बैठे हैं आज ना निभाव है |
करना है उन्हें पार बड़ा एक समन्दर
पतवार हाथ में ना कोई उन पे नाव है |
जनता ने आदेश दिया है साथ चलो
मिलकर बैठो बात करो ना हाथ मलो |
ऐसा ना हो जनता आजिज आ जाए
फिर जाओ जब वोट माँगने कहे टलो |
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