जलेस मेरठ جلیس میرٹھ
जनवादी लेखक संघ मेरठ جناوادئ لکھاک سنگھ میرٹھ
मंगलवार, 3 मई 2011
पिया के नाम ख़त
(ख़त अब कोई नहीं लिखता | पहले ख़त लिखे जाते थे जो भाव और भाषा के यादगार नमूने बन जाते थे | ऐसा ही एक ख़त है परदेश गए पिया के नाम |)
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