मंगलवार, 28 मार्च 2017

पाकिस्तान में ईश निंदा

भारत  में पी एम् सी एम् की आलोचना  असह्य हो रही है उधर पडौसी देश पाकिस्तान में ईश निंदा पर कोर्ट ने रोक लगा दी है .यहाँ तक की फेसबुक पर ईश निंदा की पोस्ट भी हटाई जा रही हैं .जिसको भी उच्च पद पर बिठा दिया जाता है वो चाहे भगवान हो या इन्सान स्वयं को आलोचना से परे समझने लगता है .उन से भी ज्यादा उनके भक्त उन्हें आलोचना /निंदा से मुक्त समझने लगते हैं जबकि नर से ही नारायण बनता है .फिर कोई नर या कि आदमी आलोचना से परे कैसे हो सकता है ?  जहां राम को बाली और शम्बूक का वध करने के कारण  और कृष्ण को कर्ण और दुर्योधन का अनीति से वध करने के कारण लोक निंदा का सामना करना पड़ा हो वहाँ किसी नेता को आलोचना से परे होने की ख्वाहिश नहीं करनी चाहिए .कहा तो यह गया है कि निंदक नियरे राखिये आँगन कुटी छवाय ताकि वह आपकी गलतियों को इंगित करता रहे जिससे आप समय रहते स्वयं को ठीक पथ पर रख सकें .यदि आप निंदक या आलोचक को सहन नहीं कर सकते हैं और सदैव जी हजुरी पसंद करते हैं तो याद रखिये ये जी हजूरिये तब  तक ही आप के इर्द गिर्द दिखाई देंगे जब तक आप समर्थ हैं जब आप सत्ता की ताकत से वंचित होंगे ये जी हजूरिये आपके विरोधी के साथ गलबाहियां करते नजर आयेंगे .