ये सारे पत्थर के देवता,
इनसे अब तक आश तुम्हें है,
इनसे अब तक स्नेह तुम्हें है,
अब तक इनको बूझ रहे हो,
अब तक इनको पूज रहे हो ?
पूजो पूजो इनको पूजो,
जब तक चाहो तब तक पूजो,
कुछ भी इनसे नहीं मिलेगा,
द्वार स्वर्ग का नहीं खुलेगा,
जब थक जाओ तब आ जाना,
साथ मेरे खुद स्वर्ग बनाना,
नहीं हमारा और तुम्हारा,
जो होगा जन जन का प्यारा |

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