तुम संस्कृति का नेकर हो
मैं अपसंस्कृति की चोली .आपका साथ जो मिला होता
ज़िन्दगी से न कुछ गिला होता .
रोज मिलती जो घूँट भर हमको
दर्द दुनिया का एक सिला होता .
'जीभ' पर भी बैन है, और 'नैन' पर भी बैन है,
इस तरफ या उस तरफ जो चांस था वो बैन है। '
पांडे' बेचैन है, अब सूझता कुछ भी नहीं,
'मांस' पर भी बैन है, 'रोमांस' पर भी बैन है।।
वो इस गली मिली मुझे, न उस गली मिली
आवारगी फितरत में थी बदनामियाँ मिली |
मुझको बनाने वाला भी ना बेकसूर है
मेरे नसीब में ही सारी गलतियां मिली |
व्यवस्था पर भरोसे की जरुरत है मगर बोलो
जहाँ संदेह हो सब के लिए उसको ज़रा खोलो |
हम बागी हैं, विरोधी हैं, रहे हैं झूठ के आदि
आप तो सत्यवादी हो कभी खुल के तो सच बोलो |
हमेशा तो कलम तलवारबाजी कर नहीं सकती
लिखो तुम प्यार के नगमें कि दुश्मन हार जाएगा |
महकते फूल बरसाओं उडाओं तितलियों को तुम
परों से, पांखुरी से, रंगों बू से मार खायेगा |
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